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लोक डाउन के चक्कर में लोग नहीं कर पाए माता रानी की पूजा

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हिन्दू धर्म में नवरात्र का बहुत बड़ा महत्व है। चैत्र नवरात्र के दौरान अष्टमी व नवमी पर कन्या का पूजन किया जाता है। कोरोना वायरस के संक्रमण और लॉकडाउन के चलते इस बार व्रतियों को कन्या पूजन कर पाना मुश्किल है। इसके लिए सोशल डिस्टेंसिंग भी बहुत जरूरी है।






कर्मकांडी पंडित पं ध्रुव कुमार शास्त्री ने बताया कि ऐसे में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करके घर में नौ कन्याओं के भोज के स्थान पर गो माता को प्रसाद खिलाएं। जरूरतमंदों को दान करके कन्या पूजन का मकसद पूरा कर सकते हैं। इस बार नवरात्र में व्रत रखने वाले मां के भक्तों की बड़ी समस्या है कि वे कैसे कन्याओं को अपने घरों में आमंत्रित करें। कोरोनावायरस के जो हालात हैं इसमें सभी लोगों को अपने घरों की लक्ष्मण रेखा से बचना चाहिए। नौ कन्याएं न सही इस बार व्रती एक कन्या को ही माता के नौ रूप मानकर पूजा कर सकते हैं। यह कन्या अपनी पुत्री या घर अन्य सदस्य की पुत्री या भतीजी हो सकती है। इससे एक ओर जहां कन्या पूजन व भोज हो जाएगा, वहीं दूसरी ओर संक्रमण का खतरा भी नहीं रहेगा।
महाष्टमी आज, रामनवमी कल
महाष्टमी व्रत पूजन आज है। महानवमी का पूजन दो अप्रैल को हो…

Now CVOID-19 become a epidemic disease

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Corona virus is declared epidemic disease soon by WHO as it start spreading and
infecting huge amount of people in various parts of world. Day to day there is
more increase in infected people who are being quarantined immediately and the
people in contact with them are being isolated , there are total more than 8 lakhs
people infected by virus, while the death rate is more than 40 thousands in world.
While in India the death rate is more than 30 while the infected people ration id
more than 1500.
 To avoid infection with the corona virus, it is being asked to keep clean and avoid
crowded place. Along with this, it is also forbidden to touch the surfaces from
which there is a possibility of infection of corona. For example, in the bus, metro
or public places handles are being asked to avoid touching the handrail, etc., or to
use the hand sanitizer on touching. The face should not be touched after touching
any such public surfaces. Apart from these things, it is also being said that we

कोरोना एक वायरस

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जब - जब आने वाले दिनों साल 2020 की बात की  जाएगी  तब -तब इतिहास के पन्नों  में चीन से फैले कोरोना वायरस का भी जिक्र होगा , एक वायरस जिसने   पूरी दुनिया एक ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा दिया की बड़े -बड़े ताकत वर देशों को भी इसके आगे अपने घुटने टेकने पड़े , चीन जिसके पास हर समस्या का समाधान करने के लिए कोई न कोई गैजेट होता है वो भी कुछ दिनों पहले तक इस बीमारी के आगे बेबस  नज़र आ रहा था, पर अब चीन में हालत कुछ सुधरने लगी  है लॉक डाउन खुलने की कगार पर आ गया है लेकिन अभी भी चीन में समुद्री फ़ूड खुलेआम बिक रहे है ,अगर चीन में संक्रमित मरीजों की संख्या की बात की जाए तो चीन में संक्रमित मरीजों की संख्या 81,554 है और इस वायरस से मरने वालों की संख्या 3,312 और जिसमें से 76,238 मरीज ऐसे है जो ठीक होकर अपने घर जा चुके है यानि एक्टिव केस चीन में इस वक्त  मात्र 2,004 केस है जो इस बात की गवाही देने के लिए काफी है की चीन अब धीमे धीमे  इस वायरस से निजात पा रहा है।  ऐसे में ये  सवाल उठना लाज़मी है की क्या चीन कोरोना से हुई मौतों की असल संख्या छुपा रहा है? क्या वहां दो करोड़ से ज़्यादा लोग मरे हैं? क्या चीन के…

मां दुर्गा की नौवीं शक्ति की पावन कथा

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मां दुर्गाजी की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री हैं। ये सभी प्रकार  की सिद्धियों को देने वाली हैं। नवरात्रि-पूजन के नौवें दिन इनकी उपासना की जाती है। इस दिन शास्त्रीय विधि-विधान और पूर्ण निष्ठा के साथ साधना करने वाले साधक को सभी सिद्धियों की प्राप्ति हो जाती है। सृष्टि में कुछ भी उसके लिए अगम्य नहीं रह जाता है। ब्रह्मांड पर पूर्ण विजय प्राप्त करने की सामर्थ्य उसमें आ जाती है।

मार्कण्डेय पुराण के अनुसार अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व- ये आठ सिद्धियां होती हैं। ब्रह्मवैवर्तपुराण के श्रीकृष्ण जन्म खंड में यह संख्या अठारह बताई गई है।





मां सिद्धिदात्री चार भुजाओं वाली हैं। इनका वाहन सिंह है। ये कमल पुष्प पर भी आसीन होती हैं। इनकी दाहिनी तरफ के नीचे वाले हाथ में कमलपुष्प है। प्रत्येक मनुष्य का यह कर्तव्य है कि वह मां सिद्धिदात्री की कृपा प्राप्त करने का निरंतर प्रयत्न करें। उनकी आराधना की ओर अग्रसर हो। इनकी कृपा से अनंत दुख रूप संसार से निर्लिप्त रहकर सारे सुखों का भोग करता हुआ वह मोक्ष को प्राप्त कर सकता है।

नवदुर्गाओं में मां सिद्धिदात्री अंतिम हैं। अन्य…

राम नवमी कथा

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प्रभु राम को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। अयोध्या के राजा दशरथ की तीन रानियां थीं। किन्तु किसी रानी से संतान की प्राप्ति नही हुई। राजा दशरथ ने पुत्र पाने की इच्छा अपने कुलगुरु महर्षि वशिष्ठ से बताई। महर्षि वशिष्ठ ने विचार कर ऋषि श्रृंगी को आमंत्रित किया। ऋषि श्रृंगी ने राजा दशरथ को पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ करने का प्रावधान बताया।






ऋषि श्रृंगी के निर्देशानुसार राजा दशरथ ने यज्ञ करवाया जब यज्ञ में पूर्णाहुति दी जा रही थी उस समय अग्नि कुण्ड से अग्नि देव मनुष्य रूप में प्रकट हुए तथा अग्नि देव ने राजा दशरथ को खीर से भरा कटोरा प्रदान किया। तत्पश्चात ऋषि श्रृंगी ने बताया हे राजन, अग्नि देव द्वारा प्रदान किये गए खीर को अपनी सभी रानियों को प्रसाद रूप में दीजियेगा।

राजा दशरथ ने वह खीर अपनी तीनो रानियों कौशल्या, कैकेयी एवम सुमित्रा में बांट दी। प्रसाद ग्रहण के पश्चात निश्चित अवधि में अर्थात चैत्र माह में शुक्ल पक्ष की नवमी को राजा दशरथ के घर में माता कौशल्या के गर्भ से राम जी का जन्म हुआ तथा कैकेयी के गर्भ से भरत एवं सुमित्रा के गर्भ से लक्ष्मण तथा शत्रुधन का जन्म हुआ। राजा दशरथ के घर म…

चक्रवर्ती सम्राट अशोक

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चक्रवर्ती सम्राट अशोक (ईसा पूर्व 304 से ईसा पूर्व 232) विश्वप्रसिद्ध एवं शक्तिशाली भारतीय मौर्य राजवंश के महान सम्राट थे। सम्राट अशोक का पूरा नाम देवानांप्रिय अशोक मौर्य (राजा प्रियदर्शी देवताओं का प्रिय) था। उनका राजकाल ईसा पूर्व 269 सेo,,.






232 प्राचीन भारत में था। मौर्य राजवंश के चक्रवर्ती सम्राट अशोक ने अखंड भारत पर राज्य किया है तथा उनका मौर्य साम्राज्य उत्तर में हिन्दुकुश की श्रेणियों से लेकर दक्षिण में गोदावरी नदी के दक्षिण तथा मैसूर तक तथा पूर्व में बांग्लादेश से पश्चिम में अफ़ग़ानिस्तान, ईरान तक पहुँच गया था। सम्राट अशोक का साम्राज्य आज का संपूर्ण भारत, पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, भूटान, म्यान्मार के अधिकांश भूभाग पर था, यह विशाल साम्राज्य उस समय तक से आज तक का सबसे बड़ा भारतीय साम्राज्य रहा है। चक्रवर्ती सम्राट अशोक विश्व के सभी महान एवं शक्तिशाली सम्राटों एवं राजाओं की पंक्तियों में हमेशा शीर्ष स्थान पर ही रहे हैं। सम्राट अशोक ही भारत के सबसे शक्तिशाली एवं महान सम्राट है। सम्राट अशोक को ‘चक्रवर्ती सम्राट अशोक’ कहा जाता है, जिसका अर्थ है - ‘सम्राटों का सम्रा…

आलिया भट्ट को सताई पापा महेश भट्ट की चिंता, कहा- वह 70 के पार हैं और कोरोनावायरस का मुझे डर है*

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आलिया भट्ट आजकल अपने पापा महेश भट्ट की काफी चिंता कर रही हैं। कोरोवायरस का खतरा पूरी दुनिया पर मंड्रा रहा है। ऐसे में आलिया भट्ट को अपने पापा महेश भट्ट की चिंता सता रही है। आपको बता दें कि आलिया भट्ट को उनके पापा महेश भट्ट पहली बार किसी फिल्म में कास्ट कर रहे हैं, जिसका नाम 'सड़क 2' है।

आलिया भट्ट ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि कोरोनावायरस काफी खतरनाक होता जा रहा है। मेरे पिता 70 के पार उम्र वाले व्यक्ति हैं। ऐसे में मुझे उनकी काफी फिक्र हो रही है और मैं बहुत सोच रही हूं। घबरा भी रही हूं। मैं उन्हें बार-बार बोलती हूं कि अपना चेहरा न छुएं, ये न करें, वो न करें।





इससे पहले आलिया भट्ट ने अपने पिता महेश भट्ट के लिए एक इमोशनल पोस्ट शेयर की थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि उनके पापा को घर वापस आना है और सभी उनका इंतजार कर रहे हैं। आलिया ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा था कि घर पर रहो और पुरानी फोटो देखो, जब आपको पापा की याद आ रही हो, तो एक फोटो उनकी याद में शेयर भी कर दो। हैशटैग स्टेहोमस्टेसेफस्टेहोमस्टेसेफ

Muskan Rastogi
BAMC-ii