दिखावे की चमक और भीतर का अंधेरा: Gen Z का मानसिक संघर्ष
आज की पीढ़ी बाहर से जितनी “Sorted” और कॉन्फिडेंट दिखती है, भीतर से उतनी ही बिखरी हुई है। इंस्टाग्राम की रंगीन रील्स और “Aesthetic” स्टोरीज़ के पीछे अक्सर एक ऐसा मन छिपा होता है, जो अकेलेपन और ओवरथिंकिंग से जूझ रहा है। 1. टीनएज ब्रेकअप: सिर्फ़ एक अंत नहीं, एक ‘आइडेंटिटी क्रैश’ जब एक टीनएजर का दिल टूटता है, तो दुनिया उसे गंभीरता से नहीं लेती। बड़ों के लिए यह “नादानी” है, पर उस किशोर के लिए यह उसकी पूरी दुनिया का ढह जाना है। अकेलापन: जब कोई आपकी तकलीफ़ को “बचपना” कहकर खारिज कर देता है, तो इंसान अंदर से बंद होने लगता है। सेल्फ-डाउट: “क्या मुझमें कोई कमी थी?” — यह सवाल मानसिक स्वास्थ्य की नींव हिला देता है। 2. फोन: मरहम नहीं, एक ‘इमोशनल ड्रग’ दुख से बचने के लिए हम फोन का सहारा लेते हैं, लेकिन यही फोन हमारे ज़ख्मों को...