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ये महान दृश्य है...

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आजादी का समय, बरसों का स्वप्न, खुली हवा में सांस, औऱ ऊपर लहराता तिरंगा। सोचने में आता है कि फहराने वाले के मस्तिष्क में क्या चल रहा होगा? वह जो नीचे खड़े हैं, तिरंगे को देख रहे हैं, नेहरू को देख रहे हैं, उनका दृश्य सीमित है, विशाल सच्चाई तो दूसरी ओर से दिखती है। क्योंकि ऊंचे किले की प्राचीर पर खड़े होकर, दूर तक दिखता है... ये विशाल जनसमूह !!  जो वोटर नहीं, कार्यकर्ता और समर्थक नहीं, मुग्ध श्रोता भी नहीं हैं। उन्मादित गर्वीलों का जमावड़ा नहीं है, ये दीन हीन, आर्थिक- सामाजिक रूप से निचुड़ चुका एक राष्ट्र है। अंगभंग के ताज़े रिसते घाव के साथ, घिसटते हुए भी जश्न मनाने आया है। वो खड़ा होकर तिरंगे की लहरों के संग डोल रहा है। अपने देश, अपने नेता की जयकार कर रहा है। यह डराता है। अगर आप मनुष्य हैं, तो बिलकुल डराता है।  केंद्रबिंदु होना, वो भी आशा से भरी लाखों आंखों का, आसान थोड़े ही है। क्या नेहरू, दबाव महसूस कर रहे थे? इस किले से कुछ दूर ही, हथियारों के साथ कुछ लोग, आग लगा रहे हैं, घाव बांट रहे हैं और शिकार खोज रहे हैं, उनकी भी एक विचारधारा है। या शायद नहीं है…. कुछ का आक्रोश है, कुछ ...

THE SHAMI FINAL

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                                                                                           THE SHAMI FINAL   In a spectacular display of dominance, India secured a triumphant 70-run victory over New Zealand in the ICC World Cup semi-final, marking their remarkable 10th consecutive win in the series. While the spotlight understandably falls on stellar performances by the likes of Virat Kohli, Shreyas Iyer, and the sensational Mohammed Shami , the unsung hero, according to former England skipper Nasser Hussain, is none other than the transformative leader, Rohit Sharma. King kohli broke the master blaster record of scoring 49 century in ODI by scoring 50 ODI century in yesterday's match. Shami became the number 1 wicket taker in the tournament. It's a...

दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने के साथ क्या इस बार लागू होंगे ये नियम ? NGT ने पूछा ये सवाल

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  दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए इस बार भी रिवाइज्ड ग्रैप लागू किया जा रहा है। शनिवार को राजधानी में पूर्वानुमान को देखते हुए ग्रैप के दूसरे चरण को लागू कर दिया गया। अब देखना यह है कि इसके तहत जारी पाबंदियां इस बार लागू हो पाती हैं या नहीं। दरअसल इसके कुछ नियम सालों से लागू नहीं हो पा रहे हैं। क्या बढ़ेगी पार्किंग फीस प्राइवेट  गाड़ियों के इस्तेमाल को रोकने के लिए पार्किंग फीस बढ़ाने का नियम ग्रैप-2 में है। लेकिन इस नियम के साथ कई विवाद भी जुड़े हैं। ग्रैप को 2017 में पहली बार लागू किया गया था। उस समय तात्कालीन ईपीसीए के आदेश पर डीएमआरसी समेत कई जगहों पर पार्किंग फीस में तीन से चार गुना तक इजाफा हुआ। इसके तुरंत बाद इस नियम की खामियां सामने आने लगी तो इसे वापस ले गया। उसके बाद से 2022 तक यह नियम ग्रैप में लागू नहीं हो सका है। क्या इस बार चलेंगी पर्यावरण स्पेशल बसें ग्रैप-2 के तहत मेट्रो और बसों की सर्विस बढ़ाने का भी नियम है। 2021 में दिल्ली सरकार ने पर्यावरण स्पेशल बसें चलाईं थी। यह पहल सिर्फ दिल्ली में हुई थी। 2018 में एनसीआर में भी इस तरह की पहल की गई थी, ले...

Financial Management

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                                                                                   Financial Management                                                                                    A Guide for Young Adults In today's fast-paced world, it is crucial for young adults to develop strong financial management skills. From budgeting and saving to investing and planning for the future, understanding the basics of personal finance is essential for long-term financial success.  Explore some key principles of financial management specifically tailored for young adults. 1. Se...

श्राद्ध पक्ष: पितरों की महिमा और संस्कृति का महत्व

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                                    श्राद्ध पक्ष: पितरों की महिमा और संस्कृति का महत्व श्राद्ध पक्ष एक पारंपरिक हिन्दू पर्व है, जो हर साल सितंबर-अक्टूबर महीने में मनाया जाता है। यह पक्ष अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने का एक विशेष समय है। इस पक्ष के दौरान लोग अपने पितरों के लिए पूजा-अर्चना करते हैं और उन्हें तर्पण भी देते हैं।  श्राद्ध पक्ष का महत्व हिन्दू धर्म में बहुत ही गहरा होता है। इसे मनाने से मान्यता है कि पितरों की आत्मा को सुख मिलता है और वे संतुष्ट होते हैं। इसलिए, श्राद्ध पक्ष में लोग अपने पितरों के नाम पर दान देते हैं, प्रसाद बांटते हैं और उन्हें श्राद्ध की विशेष भोजन सेवित करते हैं। श्राद्ध पक्ष के दौरान लोग अपने पितरों की आत्मा की मुक्ति के लिए प्रार्थना करते हैं। इसके अलावा, वे अपने पितरों की स्मृति को सम्मानित करते हैं और उन्हें याद करते हैं। यह पक्ष एक समय होता है, जब परिवार के सदस्य एकत्र होते हैं और पितरों की महिमा का गान करते हैं। श्राद्ध पक्ष में अनेक प्रकार की पूजाएं की ...