भारतीय शेरों के आगे बेबस ऑस्ट्रेलियाई !

भारतीय टीम ने गाबा के मैदान पर जैसा प्रदर्शन आज किया है वैसा प्रदर्शन पिछले 34 सालों में किसी भी अंतरराष्ट्रीय टीम ने नहीं किया | गाबा के मैदान पर अजेय ऑस्ट्रेलिया को पराजित करना भारतीय टीम के लिए बिल्कुल शेर के मांद में जाकर जिन्दा वापस लौटने जैसा था | इस सीरीज की शुरुआत एडिलेड के मैदान पर भारतीय टीम ने हार के साथ किया था | हालाँकि उसके बाद दूसरे मैच में पलटवार करते हुए टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को मेलबॉर्न क्रिकेट ग्राउंड पर चार मैचों की सीरीज को एक - एक से बराबर कर लिया | दूसरे टेस्ट बाद टीम इंडिया को काफी परेशानी तीसरे मैच से पहले उठानी पड़ी | तीसरे मैच से पूर्व टीम के निमियत कप्तान विराट कोहली अपने निजी कारणों के कारण स्वदेश वापस लौट चुके थे | विराट के वापस जाने के बाद टीम की कमान दौरे के बाकी मैचों के लिए अजिंक्य रहाणे ने संभाली वहीं उपकप्तान का जिम्मा टीम के सिमित ओवर के धाकड़ ओपनर रोहित 'हिटमैन'शर्मा को मिला | चूकि ऑस्ट्रेलिया के कोरोना नियमों के वजह से उन्हें अपने क्वारंटीन काल को पूरा पड़ा जिसके कारण वे दूसरे टेस्ट के लिए टीम के लिए उपलब्ध ना हो सकें | लेकिन तीसरे टेस्ट मैच से पहले टीम इंडिया के लिए एक बहुत ही निराश करने वाली खबर आयी | विराट कोहली के जगह आए टीम के उपकप्तान रोहित शर्मा , विकेट-कीपर बल्लेबाज़ ऋषभ पंत और साथी खिलाडी नवदीप सैनी एक बहुत गहरी विवाद में फँस गए जिसके कारण तीसरे टेस्ट के लिए इन तीनों का  खेलना लगभग मुश्किल हो गया | इन तीनों ने वहाँ के कोरोना प्रोटोकॉल को तोड़ते हुए एक रेस्टुरेंट में खाना खाया और एक फैन के साथ फोटो खिंचवाया बाद में इसका वीडियो उस फैन ने सोशल मीडिया पर डाल दिया जिसके बाद उनको दुबारा से क्वारंटीन करने की खबरे आने लगीं | यह मामला तब और भी गहरा गया जब विराट के गैरहाजरी में कप्तानी संभाल रहे अजिंक्य रहाणे ने मीडिया से एक वार्ता में यह साफ़ साफ़ कह दिया की उनकी टीम उन तीनो खिलड़ियों के बिना सीडनी टेस्ट नहीं खेलेगी | हालाँकि बाद में यह मामला किसी तरह शांत हुआ | तीसरा टेस्ट किसी तरह शुरू तो हुआ लेकिन अनहोनी ने फिर भी भारत का साथ नहीं छोड़ा | तीसरे टेस्ट की पहली इनिंग की दूसरी पारी में भारतीय गेंदबाज़ रविंद्र जडेजा बैटिंग करते वक़्त चोटिल हो गए और अगली बची पारियों में भी वो अंगूठे की चोट के कारण नाहीं गेंदबाज़ी कर सके और नाही बल्लेबाज़ी | हालाँकि भारतीय टीम इस टेस्ट को ड्रा कराने में सफल हो गयी | लेकिन टीम को ड्रा के लिए इसकी कीमत चुकानी पड़ी | इस टेस्ट में भारत ने अपने के अहम खिलाड़ियों को चोटिल होते देखा जिनमे तीसरे टेस्ट के हीरो हनुमा विहारी और आर आश्विन , जसप्रीत बुमराह ,उमेश यादव थे | चौथे टेस्ट से पूर्व जडेजा और हनुमा विहारी अपने गंभीर चोट के वजह से घर वापस जा चुके थे |




चौथे टेस्ट से पूर्व भारत की आधी टीम चोटिल हो चुकी थी | ऐसे में कप्तान रहाणे ने अपने दो युवा खिलाड़ियों वाशिंगटन सुन्दर और शार्दुल ठाकुर को मौका दिया | दोनो खिलाड़ियों ने इस मौके को अपने हाथ से जाने नहीं दिया और बल्लेबाज़ी के साथ साथ गेंदबाज़ी में भी जमकर अपने हाथ दिखाए ,वहीं अपना दूसरा टेस्ट मैच खेल रहे मोहम्मद सिराज ने ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में पांच विकेट लिए| भारत ने दूसरी पारी में सात विकेट खोकर अपनी ऐतिहासिक जीत दर्ज की | भारत के लिए यह जीत कितनी बड़ी थी इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की अपने आधे से अधिक खिलाड़ियों के चोटिल होने के बावजूद टीम ने ऑस्ट्रेलिया को उसी के अभेद किले में हराया बल्कि सीरीज को भी 2-1 से अपने नाम किया | यह जीत भारत के लिए एक ऐतिहासिक जीत इसलिए थी क्योकि गाबा के मैदान पर पिछले करीब 32 सालों से अजेय ऑस्ट्रेलिया को किसी ने नहीं हराया था | भारत ने ऑस्ट्रेलिया को गाबा के मैदान पर हराकर पिछले 32 सालों के मिथक को ही नहीं तोडा बल्कि ऑस्ट्रेलिया के उन भविष्यवाणी बताने वाले लोगो के घमंड को भी भारत ने अपनी जीत के साथ नेस्तनाबूत कर दिया|





इस जीत के साथ ही भारत ने आईसीसी टेस्ट रैंकिंग्स में ऑस्ट्रेलिया को पीछे छोड़ दूसरे स्थान पर अपना कब्ज़ा जमाया और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में भी भारत ने अपनी बादशहत बरक़रार रखी | भारत के इस जीत से ओत - प्रोत होकर बीसीसीआई ने भी भारतीय टीम के सारे खिलाड़ियों को करीब पाँच करोड़ रुपये देने का ऐलान कर दिया |
वहीं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी टीम इंडिया को इस जीत के बदले बधाई दी और ट्वीट के माध्यम से कहा की अपने प्रोफेशनल्स खिलाड़ियों की गैर मौजूदगी में भारतीय टीम की यह जीत साफ़ साफ़ दर्शाती है की टीम का भविष्य उज्जवल है और टीम का कमान एक अच्छे हाथो में है |    


रौशन कुमार सिंह
BJMC 1st Year 

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