नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार डिप्टी सीएम नहीं बनेंगे।

14 अप्रैल को दोपहर 12 बजे तक उसे मनाने की कोशिश की गई, लेकिन वो नहीं माना। इसमें नीतीश कुमार की इच्छा ज़्यादा रही। निशांत कुमार डिप्टी सीएम क्यों नहीं बने ? अब आगे क्या करेंगे? और jdu का भविष्य क्या होगा?


आइए जानते हैं 3 पॉइंट्स में कि निशांत कुमार डिप्टी सीएम क्यों नहीं बने ? 

1. निशांत कुमार डिप्टी CM नहीं बनेंगे। सूत्रों के मुताबिक, निशांत का मानना है कि अगर अभी सरकार में शामिल होंगे तो उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश और लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव की तरह परिवारवाद का आरोप लगेगा। राजनीति की शुरुआत में ही इस तरह का आरोप नहीं चाहते हैं।

दरअसल, नीतीश कुमार पूरी राजनीति परिवारवाद के खिलाफ करते रहे हैं। वह आज भी अपने हर भाषण में एक लाइन जरूर बोलते हैं- '2005 से पहले बिहार में कुछ था जी, वो RJD के सुप्रीमो लालू यादव की आलोचना करते है कि वो हटे तो पत्नी को CM बना दिया। उन्होंने सिर्फ अपने परिवार वालों के लिए किया।


2. निशांत कुमार की जगह नई सरकार में JDU कोटे से दो डिप्टी CM होंगे। यादव समाज से आने वाले बिजेंद्र प्रसाद यादव और भूमिहार समाज से आने वाले विजय कुमार चौधरी। दोनों नेता नीतीश कुमार के काफी करीबी और पुराने सहयोगी हैं।

दोनों के डिप्टी CM बनने से नीतीश कुमार ने मैसेज दिया है कि बेटे से ज्यादा पार्टी के सीनियर और भरोसेमंद नेताओं को ही तरजीह दी जाएगी।


3. निशांत कुमार के लिए इस वक्त की सबसे बड़ी चुनौती नीतीश कुमार के वोट बैंक को बचाना है। नीतीश कुमार का मुख्य वोट बैंक कुर्मी (उनकी जाति), महादलित, EBC और कुछ मुस्लिम-दलित समूहों में है। 


फिलहाल बिहार में JDU के 85 विधायक और 12 सांसद हैं। निशांत कुमार अब तक राजनीति से दूर रहे हैं, इसलिए जनता में भरोसा बनाना और वोट बैंक को बनाए रखना काफी चुनौतीपूर्ण है। निशांत जानते हैं कि पार्टी के अंदर से उनको कोई खास चुनौती नहीं है। 

आगे चुनौती नहीं बने, इसलिए नीतीश कुमार ने काफी सोच-समझकर डिप्टी CM का चुनाव किया है।  निशांत कुमार नई सरकार में डिप्टी CM नही बनेंगेेेेेेेे। ये कंफर्म हो गया है।


ऐसे में सवाल उठता है अगर सरकार में नहीं आए निशांत तो आगे क्या करेंगे?

निशांत कुमार को ग्राउंड पर उतरना होगा। लोगों में पिता वाला भरोसा जगाना होगा। अगर वह भरोसा जगा पाए तो उनके लिए डिप्टी CM बनना कोई बड़ी बात नहीं होगी। अगर निशांत लोगों का भरोसा नहीं जीत पाए तो वोटर तेजस्वी, प्रशांत किशोर और भाजपा की तरफ खिसक सकते हैं।


अगर नीतीश कुमार के बाद JDU बिखरती है तो ज्यादा फायदा प्रशांत किशोर को हो सकता है। ऐसे में भाजपा चाहती है कि JDU बची रहे। इसके लिए उसने नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को राजनीति में लाने का प्लान बनाया। वह राजनीति में आ भी गए हैं। अभी नहीं, लेकिन अगले एक साल के अंदर वह डिप्टी CM जरूर बन सकते हैं। 

इसके बारे में आप क्या सोचते हैं अपनी राय कॉमेंट में जरू बताए।


दिलीप कुमारनीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार डिप्टी सीएम नहीं बनेंगे। 

14 अप्रैल को दोपहर 12 बजे तक उसे मनाने की कोशिश की गई लेकिन वो नहीं माने । इसमें नीतीश कुमार की इच्छा ज़्यादा रही। निशांत कुमार डिप्टी सीएम क्यों नहीं बने ? अब आगे क्या करेंगे? और JDU का  भविष्य क्या होगा?

आइए जानते हैं 3 पॉइंट्स में कि निशांत कुमार डिप्टी सीएम क्यों नहीं बने ? 


1. निशांत कुमार डिप्टी CM नहीं बनेंगे। सूत्रों के मुताबिक, निशांत का मानना है कि अगर अभी सरकार में शामिल होंगे तो उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश और लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव की तरह परिवारवाद का आरोप लगेगा। राजनीति की शुरुआत में ही इस तरह का आरोप नहीं चाहते हैं।


दरअसल, नीतीश कुमार पूरी राजनीति परिवारवाद के खिलाफ करते रहे हैं। वह आज भी अपने हर भाषण में एक लाइन जरूर बोलते हैं- '2005 से पहले बिहार में कुछ था जी, वो RJD के सुप्रीमो लालू यादव की आलोचना करते है कि वो हटे तो पत्नी को CM बना दिया। उन्होंने सिर्फ अपने परिवार वालों के लिए किया।


2. निशांत कुमार की जगह नई सरकार में JDU कोटे से दो डिप्टी CM होंगे। यादव समाज से आने वाले बिजेंद्र प्रसाद यादव और भूमिहार समाज से आने वाले विजय कुमार चौधरी। दोनों नेता नीतीश कुमार के काफी करीबी और पुराने सहयोगी हैं।


दोनों के डिप्टी CM बनने से नीतीश कुमार ने मैसेज दिया है कि बेटे से ज्यादा पार्टी के सीनियर और भरोसेमंद नेताओं को ही तरजीह दी जाएगी।


3. निशांत कुमार के लिए इस वक्त की सबसे बड़ी चुनौती नीतीश कुमार के वोट बैंक को बचाना है। नीतीश कुमार का मुख्य वोट बैंक कुर्मी (उनकी जाति), महादलित, EBC और कुछ मुस्लिम-दलित समूहों में है।


फिलहाल बिहार में JDU के 85 विधायक और 12 सांसद हैं।

निशांत कुमार अब तक राजनीति से दूर रहे हैं, इसलिए जनता में भरोसा बनाना और वोट बैंक को बनाए रखना काफी चुनौतीपूर्ण है।

निशांत जानते हैं कि पार्टी के अंदर से उनको कोई खास चुनौती नहीं है। आगे चुनौती नहीं बने, इसलिए नीतीश कुमार ने काफी सोच-समझकर डिप्टी CM का चुनाव किया है।  निशांत कुमार नई सरकार में डिप्टी CM नही बनेंगेेेेेेेे। ये कंफर्म हो गया है। 


ऐसे में सवाल उठता है अगर सरकार में नहीं आए निशांत तो आगे क्या करेंगे?


निशांत कुमार को ग्राउंड पर उतरना होगा। लोगों में पिता वाला भरोसा जगाना होगा। अगर वह भरोसा जगा पाए तो उनके लिए डिप्टी CM बनना कोई बड़ी बात नहीं होगी। अगर निशांत लोगों का भरोसा नहीं जीत पाए तो वोटर तेजस्वी, प्रशांत किशोर और भाजपा की तरफ खिसक सकते हैं।


अगर नीतीश कुमार के बाद JDU बिखरती है तो ज्यादा फायदा प्रशांत किशोर को हो सकता है। ऐसे में भाजपा चाहती है कि JDU बची रहे। इसके लिए उसने नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को राजनीति में लाने का प्लान बनाया। वह राजनीति में आ भी गए हैं। अभी नहीं, लेकिन अगले एक साल के अंदर वह डिप्टी CM जरूर बन सकते हैं। 


इसके बारे में आप क्या सोचते हैं अपनी राय कॉमेंट में जरू बताए।

दिलीप कुमार

BJMC (2 SEMESTER)

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