स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के सामने फिका पड़ गया ताज़ की दास्तान

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के सामने फिका पड़ गया ताज़ की दास्तान

गुजरात में नर्मदा नदी के तट पर बनी सरदार वल्लभ भाई पटेल की मुर्ति को बने अभी 1 साल से थोड़ा समय हुआ है. वहीं इतने कम समय में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी ने कमाई के मामले में ताजमहल को पीछे छोड़ दिया है.


भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण (ASI)  की रिपोर्ट के अनुसार 182 मीटर के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर्यटकों के बीच पॉपुलर हो रहे हैं. पर्यटकों की संख्या बढ़ने के कारण कमाई में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी , प्यार की निशानी कहे जाने वाले ताजमहल से आगे है.जहां ताजमहल की सालाना कमाई 56 करोड़ रुपये है वहीं स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की सालाना कमाई 63 करोड़ रुपये है.स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर्यटकों की संख्या ताजमहल में आने वाले पर्यटकों की संख्या से कम है. 

बावजूद इसके स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की कमाई अधिक है.वहीं रिपोर्ट की माने तो हर इस स्टैच्यू के मेंटेनेंस में भी काफी खर्चा है. रिपोर्ट्स के अनुसार स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के रख-रखाव में हर रोज 12 लाख रुपये खर्च होते हैं.बता दें कि 182 मीटर ऊंची सरदार वल्लभभाई पटेल की इस स्टैच्यू का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर को अनावरण किया था। इसे बनाने में भी करीब 3000 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. वहीं मूर्ति में लिफ्ट लगी है, जो ऊपर गैलरी तक जाती है और वहां से बांध का व्यू मिलता है.


Naitik Raj Tiwari
(BAJMC-1st)

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