मेघनाथ की एक्टिंग ने उडा दि सुपर स्टारराजेश खन्ना की नींद।

भारत इस वक़्त कोरोना जैसी महामारी से लड़ रहा है। जिसके चलते पुरा देश लॉकडॉन् है, लोग खुद को अपने ही घरों मे कैद करने को मज़बूर है। ये महामारी भारत में ही नही बल्कि पूरी दुनिया में अपने पैर पसारे हुए है जिसकी वजह से लाखों लोगों की जान भी जा चुकी हैं और ये अकड़ा तेजी से बड़ता भी जा रहा है। तो वही भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद मोदी ने लोगो ka मन बाटने के लिए  और मनोरंज के लिए रामायण, महाभारत, शक्तिमान जैसे पुराने नाटकों का एक बार फिर से शुरू किया है।  वही अगर हम बात करे रामायण की तो जितना प्यार उसे 80 के दशक में मिला था, वही प्यार आज भी बर्करार है, शो की टीआरपी ने एक बार फिर से सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये है। लॉकडॉन् ने एक बार फिर इन किरदारों को जिंदा कर दिया है।



रामायण में मेघनाथ  एक ऐसा किरदार था जिन्होंने बॉलीवुड में अपना करियर बनाया था।
मेघनाथ का किरदार निभाने वाले एक्टर जिनका असली नाम विजय अरोड़ा था, उनकी एक्टिंग लोगो को इस कदर पसंद आई, की लोगो ने उन्हे बॉलीवुड में भी भरपूर प्यार दिया। विजय अरोड़ा ने साल 1972 में अपनी पहली फिल्म  'जरूरत' से बॉलीवुड में डेब्यू किया।  लेकिन उन्हें फेम और स्टारडम साल 1973 में मिला। तब उन्होंने 'जीनत अमान' के साथ  फिल्म 'यादों की बारात' की। जिसका गाना "चुरा लिया है" लोगों के दिलों में बस गया, इतना ही नहीं वे  खुद  लोगों के दिलो पर राज करने लगे। उनकी एक्टिंग और लोगों के दिलो में बड़ता प्यार देख कर राजेश खन्ना की जैसे नींद ही उड़ गयी। उस वक़्त पूरी बॉलीवुड इंडस्ट्री में राजेश खन्ना का डंका बजता था। विजय के प्रति लोगों का बड़ता प्यार जैसे खन्ना जी के लिए उनके कॅरिअर पे सवाल जैसा था। लेकिन विजय ने फिर कभी पीछे मुड़कर नही देखा, उन्होंने शबाना आजमी के साथ "कादम्बरी", तनुजा के साथ "इंसाफ" और परवीन बॉबी के साथ 36 घंटे मे कम किया जिसके साथ- साथ वे नाटकों में भी Kam करते नज़र आये। 80 के दशक में विजय ने खूब मेहनत की और बॉलीवुड इंडस्ट्री में अपना नाम बनाया। जिसके बाद 2007 मे 'पेट के कैंसर' की वजह से 62 साल की उम्र मे इस दुनिया को अलविदा केह गये।।  तो ये था विजय अरोड़ा से मेघनाथ बनाने तक का सफर।।

आरती तोमर
Bjmc- vi

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