कोरोना कविता
कोरोना है छाया हम पर । महामारी का काल है लाया हम पर ।
ना किसी से मिलना जुलना होगा ना भाई चारे का प्यार लूटना होगा किसी पर ।
जिन लोगो ने कॉरोना को समझा मजाक अब मुसीबत आन पड़ी है उनके परिवारों पर ।
कुछ लोग भूक से मर रहे हैं जो बिल्कुल ही कंगाल हर उपाय आजमाए जा रहे है जो भी कर सकती है सरकार ।
इससे बचने के लिए जब प्रधान मंत्री जी ने लॉकडाउन है लगाया । पर कुछ अनपद लोगो ने बाहर घूम कर इस वायरस को घर है बुलाया।
धारा 144 का इनलोगो ने ना रखा मान और ले बैठे ये लोग अपने ही घर वालो की जान ।
कोरोना है ऐसा वायरस जिससे बचने का बस एक ही उपाय सोशल डिस्टेंस
जब चिक या आए खासी मुं को अपने कवर करो जब आओ बाहर से तो सनितिजेशन का यूज करो ।
अब तो तुम ये मान लो कोरोना को दूर भगाना है ये थान लो नहीं तो हो जाएगा देश का सर्वनाश ये भी तुम जान लो।
Anjali Sinha
Bjmc-ii
ना किसी से मिलना जुलना होगा ना भाई चारे का प्यार लूटना होगा किसी पर ।
जिन लोगो ने कॉरोना को समझा मजाक अब मुसीबत आन पड़ी है उनके परिवारों पर ।
कुछ लोग भूक से मर रहे हैं जो बिल्कुल ही कंगाल हर उपाय आजमाए जा रहे है जो भी कर सकती है सरकार ।
इससे बचने के लिए जब प्रधान मंत्री जी ने लॉकडाउन है लगाया । पर कुछ अनपद लोगो ने बाहर घूम कर इस वायरस को घर है बुलाया।
धारा 144 का इनलोगो ने ना रखा मान और ले बैठे ये लोग अपने ही घर वालो की जान ।
कोरोना है ऐसा वायरस जिससे बचने का बस एक ही उपाय सोशल डिस्टेंस
जब चिक या आए खासी मुं को अपने कवर करो जब आओ बाहर से तो सनितिजेशन का यूज करो ।
अब तो तुम ये मान लो कोरोना को दूर भगाना है ये थान लो नहीं तो हो जाएगा देश का सर्वनाश ये भी तुम जान लो।
Anjali Sinha
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